इंजेक्शन के द्वारा दिया जाने योग्य सिल्क-फ़ाइब्राइन युक्त हैड्रोजल का निर्माण JNCASR

( JNCSAR ) जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस साइंटिफिक रिसर्च ने सिल्क फ़ाइब्राइन युक्त हैड्रोजल का निर्माण किया है जिसका प्रयोग करके मधुमेह (diabetic patients) रोगियों को निरंतर इंसुलिन उपलब्ध कराया जाएगा ।

इसको शरीर मे इंजेक्शन के माध्यम से प्रवेश कराया जाएगा। जो शरीर मे दीर्घ काल के लिए इन्सुलिन ओर ग्लूकोस को बनाये रखने में मदद करेगा ।

मधुमेह पीड़ित रोगी की कोशिकाओं से ग्लूकोस स्रावित नही होता । यह इन्सुलिन ग्लूकोस को रक्त तक पहुचने में मदद करता है । जिसमे यह नई युक्ति फ़ाइब्राइन हैड्रोजल इंसुलिन की मात्रा को दीर्घ काल तक बढ़ाने में मदद करेगा।

फाइब्राइन एक अघुलनशील प्रोटीन है ।सिल्क में दो प्रकार के प्रोटीन होते है जिसमे से एक सेरिसिन ओर दुसरा फ़ाइब्राइन ।फ़ाइब्राइन का उत्पादन सिल्क को गर्म करके किया जाता है।

हैड्रोजेल एक बहुलक श्रृंखला का जाल होता है।ये बहुलक पोलीविनयल अल्कोहल, एकरिलेट पॉलीमर और सोडियम पालीएकरिलेट व कॉपोलयमर से बना होता है।

हैड्रोजेल का प्रयोग आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सिस्टम में प्रयोग किया जाता है।यह वातावरण के प्रति बहोत सुभेद्य होते है ।इनमे वतरण के तापमान ,ph मान , इत्यादि को समझने की क्षमता होती है।

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